एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन क्या है? आसान भाषा में समझें
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब है कि चैट को सिर्फ़ उसमें शामिल लोग ही पढ़ सकते हैं, न हैकर, न आपका इंटरनेट प्रोवाइडर और न ही खुद ऐप। जानिए यह कैसे काम करता है, आसान शब्दों में।
DiffWeb टीमप्राइवेसी और सुरक्षा
आपने ऐप्स में "एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड" ज़रूर देखा होगा। यह तकनीकी लगता है, लेकिन इसका विचार आसान है, और किसी चैट ऐप में देखने वाली सबसे ज़रूरी चीज़ों में से एक है।
ताले वाले बक्से का उदाहरण
सोचिए कि आपका भेजा हर मैसेज एक ताले वाले बक्से में जाता है। चाबी सिर्फ़ चैट में शामिल लोगों के पास है। बक्सा इंटरनेट से होकर जाता है और कंपनी के सर्वर पर रखा रहता है, लेकिन रास्ते में कोई भी उसे नहीं खोल सकता: न उसी Wi-Fi पर मौजूद कोई इंसान, न आपका इंटरनेट प्रोवाइडर, और न ही ऐप चलाने वाली कंपनी।
यही एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है। मैसेज आपके डिवाइस पर (एक "छोर" पर) लॉक होता है और सिर्फ़ सामने वाले के डिवाइस पर (दूसरे "छोर" पर) खुलता है।
यह सामान्य एन्क्रिप्शन से कैसे अलग है?
कई सर्विस मैसेज को सर्वर तक पहुंचते समय ("इन ट्रांज़िट") और फिर अपने सर्वर पर रखे रहने के दौरान ("एट रेस्ट") एन्क्रिप्ट करती हैं। इससे आप बाहरी लोगों से तो बचते हैं, लेकिन चाबियां खुद कंपनी के पास होती हैं और वह आपके मैसेज पढ़ सकती है, या उसे उन्हें सौंपने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन में चाबियां कभी कंपनी के पास नहीं होतीं। वह सिर्फ़ ऐसे बंद बक्से रखती है जिन्हें वह खोल नहीं सकती।
DiffWeb इसे कैसे करता है
- टेम्पररी रूम में आपका ब्राउज़र रूम की चाबी बनाता है। यह चाबी इनवाइट लिंक में
#के बाद वाले हिस्से में होती है। ब्राउज़र लिंक का यह हिस्सा कभी किसी वेबसाइट को नहीं भेजते, इसलिए DiffWeb इसे कभी नहीं देखता। - सेव्ड रूम्स (Saved Rooms), अनाम चैट (Anonymous Chat) और प्राइवेट सर्कल्स (Private Circles) में आपका हर डिवाइस अपनी खुद की चाबियों की जोड़ी बनाता है, और उसका प्राइवेट हिस्सा कभी उस डिवाइस से बाहर नहीं जाता।
- आप किसी दोस्त के साथ सेफ़्टी नंबर मिलाकर देख सकते हैं कि कोई और चुपके से तो नहीं सुन रहा।
एन्क्रिप्शन क्या नहीं कर सकता
एन्क्रिप्शन बहुत ताकतवर है, लेकिन कोई जादू नहीं:
- यह उस फ़ोन को नहीं बचा सकता जिसे कोई और अनलॉक कर सकता हो।
- यह सामने वाले को स्क्रीनशॉट लेने या आपकी भेजी चीज़ शेयर करने से नहीं रोक सकता।
- यह सब कुछ नहीं छिपाता। किसी सर्विस को काम करने के लिए कुछ जानकारी चाहिए होती है, जैसे मैसेज कब भेजा गया। एक अच्छी प्राइवेसी पॉलिसी साफ़ बताती है कि क्या सुरक्षित है और क्या नहीं। हमारी पॉलिसी प्राइवेसी पेज पर है।
संक्षेप में
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का मतलब है कि आपके मैसेज सिर्फ़ चैट में शामिल लोगों के लिए हैं, किसी और के लिए नहीं। अगर कोई ऐप साफ़ तौर पर नहीं बता सकता कि वह इसका इस्तेमाल करता है, तो मान लीजिए कि कोई और आपकी चैट पढ़ सकता है।


